भगवान शिव पर शमी पत्र चढ़ाने का क्या है सही तरीका? जानें जलहरी से स्पर्श कराने का महत्व
नई दिल्ली, अगस्त 11 -- सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना में बेलपत्र के साथ शमी पत्र का भी विशेष महत्व है। सावन मास में और विशेष तौर पर शिवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर शमी पत्र चढ़ाने का अत्यंत शुभ फल बताया गया है। कई भक्त सही शास्त्रीय विधि से अनभिज्ञ रहते हैं। शमी पत्र को सही तरीके से अर्पण करने पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जलहरी से स्पर्श कराने का विशेष महत्व है।शमी पत्र अर्पण की सही क्रमबद्ध विधि सबसे पहले शुद्ध और शीतल जल से शिवलिंग का जलाभिषेक करें। इसके बाद भगवान को प्रिय बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाने के बाद शमी पत्र को सीधे शिवलिंग पर ना चढ़ाएं। पहले इसे जलहरी से स्पर्श कराएं। जलहरी माता पार्वती का स्वरूप मानी जाती है। अंत में नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए शमी पत्र को शिवलिंग पर अर्पित करें। यह ...
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