नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में नैमिषारण्य के निकट स्थित रुद्रावर्त कुंड एक अनोखा और रहस्यमय स्थान है। गोमती नदी के किनारे बसा यह कुंड पहली नजर में साधारण-सा लगता है, लेकिन इसके अंदर छिपी दिव्य शक्ति आज भी विज्ञान को हैरान करती है। यहां भक्त जब सच्चे मन से बेलपत्र अर्पित करते हैं, तो वह पानी में तैरने की बजाय धीरे-धीरे डूब जाता है। स्थानीय मान्यता है कि इस कुंड में स्वयं भगवान शिव शिवलिंग रूप में विराजमान हैं।रुद्रावर्त कुंड का पौराणिक महत्व नैमिषारण्य को 88 हजार ऋषि-मुनियों की तपोभूमि कहा जाता है। इसी क्षेत्र में स्थित रुद्रावर्त कुंड को भगवान शिव का विशेष धाम माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां भगवान शिव ने रुद्र रूप धारण कर त्रिपुरासुर का संहार किया था। इसी वजह से इस कुंड को रुद्रावर्त नाम मिला। भक्तों ...
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