नई दिल्ली, जनवरी 16 -- हिंदू धर्म में बेलपत्र (बिल्व पत्र) को भगवान शिव का सबसे प्रिय पत्र माना जाता है। शिव पूजा बेलपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। इसे शिवद्रुम भी कहा जाता है। बेलपत्र के तीन पत्ते त्रिशूल और त्रिनेत्र का प्रतीक हैं। शास्त्रों में बेलपत्र को मोक्षदायी बताया गया है। मान्यता है कि अगर किसी की शवयात्रा बेल वृक्ष की छाया से गुजर जाए, तो उसे मोक्ष मिल जाता है। बेल वृक्ष को सींचने से पितरों को तृप्ति मिलती है। लिंग पुराण के अनुसार, बेल वृक्ष की जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु, शाखाओं में ऋषि-मुनि और पत्तियों में शिव का वास है। इसलिए बेलपत्र अर्पित करना त्रिदेवों की संयुक्त पूजा के समान फल देता है। लेकिन भगवान शिव को बेलपत्र इतना प्रिय क्यों है? इसका जवाब जानने के लिए बेलपत्र की पौराणिक उत्पत्ति की कहानी जाननी जरूरी है।बेलपत्र...