नई दिल्ली, अगस्त 1 -- दुष्यंत कटारिया, मेरठ Kanwar Yatra: श्रावण मास के पवित्र महीने में चारों ओर गूंजते हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच मेरठ के फलावदा कस्बे ने मजहब और सरहदों की दीवारों को पार कर सच्ची मानवता और सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण पेश किया है। मोहल्ला होली चौक, मंदवाड़ी रोड निवासी मंजूर का 22 साल का बेटा शाकिर ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति किसी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती। आर्थिक तंगी के बावजूद श्रद्धा और अटूट विश्वास रखने वाला शाकिर अत्यंत गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। शाकिर का भगवान भोलेनाथ के प्रति उसकी निष्ठा और अटूट आस्था बरसों से अडिग है। वह पिछले तीन सालों से नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना कर रहा है। पिछले वर्ष उसने हरिद्वार ...