आरा, अगस्त 7 -- आरा, निज प्रतिनिधि। श्रावण-समाराधना के अवसर पर श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् और सनातन-सुरसरि सेवा न्यास के संयुक्त तत्त्वावधान में श्री सहदेव गिरि मंदिर, कतिरा में आयोजित श्रीशिवमहापुराण की कथा के आज तीसरे दिन प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातन शक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि कोटिरुद्र संहिता में दस शैवव्रत बतलाये गये हैं, जिनमें शिवरात्रि को सभी व्रतों का राजा कहा गया है। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि में रात्रि जागरण करते हुए अलग-अलग प्रहर में पूजन-अर्चन उपवास के फल को अनन्त गुणा बढ़ा देता है और भगवान शिव की कृपा तत्क्षण प्राप्त करा देता है। अष्टमी, एकादशी, प्रदोष और सोमवार के व्रत करने से भगवान शिव की आराधना संपन्न होती है। यह भी पढ़ें- सावन शिवरात्रि पर इतने घंटे होगा भद्रा का साया, जानें जलाभिषेक की सही टाइमि...