कोडरमा, मार्च 15 -- झुमरी तिलैया, निज प्रतिनिधि। जय सियाराम सत्संग समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय रामकथा के तीसरे दिन भगवान राम और उनके चारों भाइयों का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कथावाचक आचार्य पंडित रामकरण सहल ने भक्तों को भगवान राम के जन्म और उनके दिव्य चरित्र का विस्तृत वर्णन करते हुए कई प्रेरक प्रसंग सुनाए। कथा के दौरान आचार्य सहल ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। आचार्य सहल ने बताया कि अयोध्या के राजा दशरथ संतान न होने के कारण अत्यंत व्याकुल रहते थे। बाद में उन्होंने यज्ञ कराया, जिसके फलस्वरूप उन्हें चार पुत्रों-राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न-का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान राम का जन्म म...