कन्नौज, अक्टूबर 3 -- छिबरामऊ, संवाददाता। ऐतिहासिक श्री गंगेश्वरनाथ मंदिर परिसर में श्री गोविंद सत साहित्य प्रचार समिति एवं प्रभात फेरी मंडल के तत्वावधान में चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा एवं दुर्लभ सत्संग के छठवें दिन भक्ति और अध्यात्म की अविरल धारा बही। ऋषिकेश से पधारे संतों के मुखारविंद से कथा और सत्संग का श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा पंडाल में जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। ऋषिकेश से पधारे ब्रह्मचारी संत किशनदासजी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सत्य और कर्तव्य का संदेश देता है। रामकथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपना ले तो परिवार और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा संस्कारों की स्थापना हो स...