सीतामढ़ी, अप्रैल 19 -- सीतामढ़ी। पुनौरा धाम स्थित माता सीता प्राकट्य भूमि के सीता प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के दूसरे दिन रविवार को जगतगुरु रामभद्राचार्य ने सीता जन्मभूमि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा, राम और सीता दोनों ब्रह्म स्वरूप हैं। कथा के प्रारंभ होते ही उन्होंने भक्ति गीतों के माध्यम से मिथिला और पुनौरा धाम की महिमा का वर्णन किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। कथा शुरू होने से पहले जानकी रमन शरण द्वारा लिखित 'मोदनंदिनी' और 'जगतगुरु चरितम' पुस्तक का विमोचन गुरुदेव के करकमलों से हुआ। वहीं डॉ. सुरभि झा ने मैथिली गीत धन-धन जनक, धन्य मिथिला प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं की भावनाओं को झंकृत कर दिया। यह भी पढ़ें- सीएम करेंगे राघोपुर बखरी मठ के जीर्णोद्धार का शिलान्यास अपने उद्बोधन में जगतगुरु ने कहा कि मा...