मुंगेर, फरवरी 27 -- धरहरा,एक संवाददाता। प्रखंड के रामेश्वरम धाम जसीडीह में आयोजित विष्णु महायज्ञ के तहत चल रहे नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के आठवें दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। अयोध्या से आई कथा वाचिका इंदुमति ने प्रवचन में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव, बाल लीलाओं तथा राम- सीता विवाह का अत्यंत प्रेरक और भावविभोर करने वाला वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और माता जानकी का विवाह जीवात्मा और परमात्मा के पवित्र मिलन का प्रतीक है तथा मानव जीवन का वास्तविक लक्ष्य भी यही है। प्रकृति को मानवता की माता बताते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन की श्रेष्ठ शैली श्रीराम के आदर्श चरित्र से सीखनी चाहिए। रामनाम की महिमा बखानते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा से रामनाम का जाप करता है, उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। राम-सीता विवाह प्...