भगवान भाव के भूखे होते हैं, धन दौलत के नहीं
कानपुर, जून 12 -- कानपुर। शिवाजी नगर में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के समापन दिवस पर शुक्रवार को लाडली शरण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायक वर्णन किया। महाराज ने बताया कि सच्ची मित्रता, निस्वार्थ प्रेम, विनम्रता और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का सर्वोत्तम उदाहरण सुदामा चरित्र में देखने को मिलता है। निर्धनता के बावजूद सुदामा ने कभी अपने आत्मसम्मान और भक्ति को नहीं छोड़ा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बालसखा सुदामा का जिस प्रेम और आदर से स्वागत किया, वह भक्त और भगवान के मधुर संबंध का अद्भुत संदेश देता है। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु अनेक बार भावुक हो उठे। यह भी पढ़ें- कृष्ण-सुदामा की मित्रता से सीख लेने का आह्वान महाराज ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के भाव के भूखे होते हैं, धन-दौलत के ...
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