रांची, जून 7 -- अड़की, प्रतिनिधि। जहां एक ओर नौ जून को भगवान बिरसा मुंडा की शहादत दिवस को लेकर देशभर के नेता, अधिकारी और श्रद्धालु उलिहातू गांव पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वयं भगवान बिरसा मुंडा का पैतृक गांव उलिहातू और उसके आसपास के गांवों में भीषण पेयजल संकट गहराता जा रहा है। बाड़ीनिजकेल पंचायत के तुबिद, बेड़ाडीह, जोपनो, लेपसेर, सेल्दा, ग़सार, पीड़िटोली और कुईल जैसे गांवों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। ग्रामीणों को पीने का पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। जोपनो में हालात गंभीर, पर्यटकों के लिए नहीं है पानी: जोपनो गांव की स्थिति और भी भयावह है, जहां पूरी तरह पानी की आपूर्ति ठप है। भगवान बिरसा मुंडा के स्मृति स्थल बिरसा ओड़ा में वर्षों पूर्व सोलर जलमीनार लगाया गया था, लेकिन वह महीनों से खराब पड़ा है। जब श्रद्धालु और पर्य...
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