गाज़ियाबाद, अप्रैल 19 -- गाजियाबाद, वंदना। श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मंदिर में रविवार को भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव पर यज्ञ का आयोजन किया गया। विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगवान परशुराम के बारे में बताया गया। महासभा के अध्यक्ष बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि हिंदू धर्म में छठे अवतार भगवान परशुराम सदियों से धर्म और न्याय के प्रतीक बने हुए हैं। उनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया अर्थात अक्षय तृतीया को हुआ था। उनके पिता महर्षि जमदग्नि और मां रेणुका धर्मपरायण थे। उनका नाम परशुराम दो शब्द परशु (फरसा) और राम से बना है। कहा जाता है कि परशु उन्हें भगवान शिव ने प्रदान किया था। यह भी पढ़ें- कटिहार: शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता थे भगवान परशुराम वे शस्त्र और शास्त्र दोनों में निपुण थे। माना जाता है इसी तिथि से त्रेतायुग का ...