लखनऊ, अप्रैल 19 -- शहर भर में भगवान परशुराम जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मंदिरों से अपार्टमेंट तक जय परशुराम के जयघोष गूंजे। पूजन-अर्चन तथा भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। लोगों ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र का समन्वय ही राष्ट्र की असली शक्ति है। कई जगह सम्मान समारोह भी हुए। वृंदावन स्थित हिमालय एन्क्लेव (फेज एक और दो) के क्लब हाउस में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर भारत की वर्तमान परिस्थितियों में भगवान परशुराम के आदर्शों का महत्व विषयक विशेष बौद्धिक संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण उत्कर्ष परिषद् के अध्यक्ष शिव मिश्रा ने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक कालखंड के योद्धा नहीं, बल्कि एक अक्षय चेतना हैं। यह भी पढ़ें- जयघोष के साथ मना परशुराम जन्मोत्सव, बांटे 500 पौधे बताया कि कैसे ...
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