भगवान ने सदैव भक्तों का मान बढ़ाया है
सीतामढ़ी, जून 7 -- ब्रजकिशोर सिंह पुपरी। संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस में सुब्बा चौक स्थित उमा देवी बाजोरिया के आवासीय परिसर में कथावाचक व्यास पण्डित आचार्य विष्णु शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के भक्तिमय माहौल राजा शर्माती की पुत्री सुकन्या व च्यवन ऋषि के प्रसंग के तहत च्यवन ऋषि को चीर यौवन अश्विनी देवता की कथा सुनाई ।
भक्त अम्बरीष की कथा भक्त अम्बरीष जो जन्म से ही नारायण भक्त थे । उनके रक्षार्थ भगवान ने सुदर्शन चक्र को नियुक्त किया था, दुर्वासा ऋषि ने मायावी राक्षस प्रकट कर भक्त अम्बरीष को मारने का दुःसाहस किया तो भक्त अम्बरीष के रक्षार्थ सुदर्शन ने दुर्वासा ऋषि के मायावी विद्या को समाप्त कर उन्हें मारने का प्रयत्न किया तो वह ब्रह्मा, शिव, विष्णु, के पास रक्षार्थ गए लेकिन विष्णु भगबान ने भक्त अम्बरीष ही बचाएगा यह कहकर भक्त का म...
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