संभल, मई 3 -- चंदौसी, संवाददाता। श्री गीता सत्संग भवन चल रही भव्य श्री राम कथा के समापन पर जगद्गुरु स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कथा को सुनाया। रविवार को भारी संख्या में कथा सुनते श्रद्धालु सत्संग भवन में पहुंचे। महाराज ने कहा कि भगवान को प्राप्त करना साधारण नहीं, असाधारण है। भगवान पुत्र रूप में हर किसी को प्राप्त नहीं हो सकते। भगवान को पुत्र रूप में प्राप्त करने के लिए पूर्व जन्म के संचित पुण्य कर्म ही प्रधान होते हैं। उन्होंने बताया कि मनु और शतरूपा ने भगवान का घोर तप किया, तब भगवान ने दर्शन देकर वचन दिया था कि त्रेता युग में आप दशरथ और शतरूपा माता कौशल्या होंगी। यह भी पढ़ें- राम कथा में भक्ति की धारा, श्रद्धालुओं ने किया अमृतपान उसी वचन को पूर्ण करने के लिए भगवान पुत्र रूप में अवतरित हुए। अर्थात् भगवान जो कहते हैं, वह अवश्य क...