भगवान को प्रसन्न करने में हृदय का भाव महत्वपूर्ण : संत राजन
मोतिहारी, अप्रैल 26 -- मोतिहारी,मोतिहारी संवाददाता। जो भगवान की प्रतीक्षा करते हैं ,उसके पास भगवान अवश्य उपस्थित होते हैं। भगवान हृदय के भाव से प्रसन्न होते हैं। ये बातें संत राजन जी महाराज ने बापू सभागार में आयोजित एक शाम राम के नाम कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं से प्रवचन के क्रम में कही। उन्होंने मानस के अरण्य कांड की माता शबरी की कथा सुनाते हुए कहा कि शबरी युवावस्था में ही अपने घर को छोड़कर अपने गुरु मतंग ऋषि के आश्रम में रहने लगी थी। ऋषि ने शबरी को बताया था कि तुम प्रतीक्षा करो। भगवान राम तुमको दर्शन देने अवश्य आयेंगे। अपने गुरु की आज्ञा मानते हुए शबरी ने भगवान राम की प्रतीक्षा दस हजार सालों तक की थी। यह भी पढ़ें- निर्मल एवं स्वच्छ मन वाले भक्त को प्राप्त होते है भगवान भगवान राम का जन्म माता शबरी की प्रतीक्षा पूर्ण करने के लिए हुआ...
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