मुरादाबाद, जून 26 -- नवाबपुरा स्थित जाहरवीर मणि-मंदिर में निर्जला एकादशी महोत्सव आयोजित किया गया। इसमें कथा व्यास धीरशांत दास ने बताया केवल इस एक एकादशी का व्रत रखने से सभी छब्बीस एकादशियों का फल स्वत: ही मिल जाता है। उन्होंने बताया पांडवों में भीमसेन ने एकमात्र इसी एकादशी का व्रत रखकर सभी छब्बीस एकादशियों का पुण्य प्राप्त कर लिया था। तभी से इस एकादशी को भीमसेनी पांडव निर्जला एकादशी भी कहा जाता है। उन्होंने भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए कहा भगवान को अपना मान लो प्रेम स्वत: ही हो जाएगा। क्योंकि प्रेम भजन, ध्यान, जप, त्याग, तपस्या आदि ने नहीं होता, यह तो केवल अपनेपन से होता है। यह भी पढ़ें- भीमसेनी एकादशी पर छबील वितरण किया गया व्यवस्था में किशन लाल प्रजापति, अशोक कुमार, नरेश, महेंद्र चौधरी, रिंकू कुमार, निवोद, सचिन कुमार,अरुण कुमार,विक्...