लखनऊ, अप्रैल 7 -- राजा बाजार के गीता भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में मंगलवार को श्रीकृष्ण बाललीला और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया गया। कथा के भक्तिमय प्रसंगों को सुनकर मौजूद श्रद्धालू भाव विभोर हो गए। पूरा पंडाल जय श्रीकृष्णा के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।लखनऊ हरिश्चंद्र वंशीय समाज महिला समिति सुहासिनी की ओर से कथा व्यास आचार्य उमेश कुमार मिश्रा ने प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और अहंकार के त्याग का संदेश है। जब इंद्र को अपनी शक्तियों पर अभिमान हो गया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर भक्तों की रक्षा की। यह सिद्ध किया कि भगवान सदैव अपने शरणागत भक्तों का हाथ थामे रहते हैं।कर्मों में शुचिता रखनी चाहिएआगे कहा ...
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