सहारनपुर, दिसम्बर 5 -- श्री गीता भवन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में पांचवे दिन कथाव्यास मनोज महाराज ने भगवान के बाल रूप और गोर्वधन पूजा की कथा का वर्णन किया। इस दौरान कथाव्यास ने कहा कि भगवान के बालरूप का चिंतन करने से विषय विकार नष्ट होते हैं। श्री गीता प्रचार समिति सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कर रहे मनोज महाराज ने कहा कि भागवत कथा भवरोग की महा औषधि है। कहा कि भगवान को अर्पित करने से पदार्थ भी प्रसाद बन जाता है। विष पिलाने आई पूतना राक्षसी को भी माता के समान सदगति प्रदान करने वाले भगवान श्रीकृष्ण बडे ही दयालु हैं। पूजन पंडित विनय प्रकाश तिवारी ने कराया। जबकि यजमान अनुज गर्ग और प्रसाद वितरण नीरज सिंघल ने किया। इस दौरान सुधीर गर्ग, सुशील कर्णवाल, संजय मित्तल, राजकुमार जाटव, मधु शर्मा, कांता त्यागी, मीनू गर्ग और ...
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