मिर्जापुर, मई 6 -- जिगना। गौरा गांव के परमानपुर मजरा में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन व्यास पं. विष्णुधर द्विवेदी ने भगवान के 24 अवतारों का वर्णन सुनाया। भगवान ने मानव को संदेश दिया है कि हम चौबीसों घंटे अपने भक्तों के साथ भक्तों की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
परीक्षित के जन्म की कथा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करने के बाद उत्तरा के गर्भ में पल रहा बालक जल चुका था,लेकिन भगवान ने उस गर्भ को जीवन दान दिया। वही बच्चा परीक्षित के रूप में जन्म लिया। परीक्षित के जन्म के बाद पांडव स्वर्गारोहण कर गए। पांच वर्ष की उम्र में परीक्षित चक्रवर्ती सम्राट बने। नगर भ्रमण के दौरान कलयुग को देखा और कलि को मारने का प्रयास किया, लेकिन कलियुग शरणागत हो गया। युधिष्ठिर के वचनों को याद करके कि ...
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