भगवान केवल प्रेम के भूखे हैं पैसे के नहीं : पं. कथा व्यास राम रसिक
बिजनौर, जून 9 -- ग्राम टपरौला में आयोजित नौ-दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा व्यास पंडित राम रसिक जी महाराज ने भगवान श्री राम के वनवास काल के दो सबसे महत्वपूर्ण प्रसंगों-महर्षि अत्री के आश्रम आगमन और भीलनी शबरी पर कृपा-का अत्यंत मर्मस्पर्शी वर्णन किया। जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं की आँखें सजल हो गईं। भगवान के दरबार में जाति, कुल, धन या चतुराई का कोई महत्व नहीं है, वहां केवल भक्ति ही सर्वोपरि है।मंगलवार को कथा व्यास पंडित राम रसिक जी महाराज ने बताया कि मतंग ऋषि के आश्रम में रहने वाली शबरी के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शबरी ने केवल गुरु वचनों पर अटूट विश्वास करके जीवन भर प्रभु राम की प्रतीक्षा की। जब भगवान उसकी कुटिया में आए, तो प्रेम में व्याकुल शबरी ने चक-चखकर सबसे मीठे बेर प्रभु को अर्पित किए। भगवान ने ब...
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