बक्सर, मार्च 12 -- कथा यमुना में कूदकर कालिया नाग के फन पर नृत्य किया था कालिया नाग हमारे भीतर के अहंकार व क्रोध का प्रतीक चौसा, एक संवाददाता। नगर पंचायत मुख्यालय में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवें दिन आचार्य रणधीर ओझा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल्यकालीन लीलाओं, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन पर्वत का प्रसंग सुनाया। बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि उनमें गहरे आध्यात्मिक संकेत छिपे हैं। कहा कि गोकुल में जब-जब श्रीकृष्ण ने माखन चुराया, वो केवल माखन नहीं था, बल्कि वह प्रेम था, श्रद्धा थी, निष्कलंक भक्ति थी। भगवान ने दिखाया कि वे केवल उन्हें चुराते हैं जो पूर्णतः निष्कलंक होते हैं। कथा के दौरान यमुना तट की उस लीलामयी घटना का वर्णन किया गया। जब श्रीकृष्ण न...