मुजफ्फर नगर, जून 17 -- छपार प्राचीन शिव मंदिर बसेडा में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह के तीसरे दिन कथावाचक पारस गोस्वामी महाराज ने संगीतमय कथा सुनाते हुए भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। उन्होने कहा कि जब जब पृथ्वी पाप के बोझ से दबने लगती है तथा पाप बढ़ता है तब तब श्री हरि अवतार लेकर पाप और पापी का नाश कर पुन: धर्म को स्थापित करते हैं।मथुरा के राजा कंस ने पाप का आचरण करते हुए अपने ही पिता को कारावास में डालकर सत्ता पर आसीन होकर प्रजा पर अत्याचार किया तथा जब उसे पता चला कि उसकी सगी बहिन देवकी की आठवीं संतान ही उसके काल का कारण बनेगी तो उसने बहन देवकी व उसके पति वासुदेव को कारावास में बंद कर दिया, लेकिन श्री हरि की कृपा से माया के कारण कारावास के बंद पडे़ द्वार खुल गए व मायावश वासुदेव भगवान कृष्ण को उफनती यमुना को ...