भगवान की भक्ति से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त : स्वामी शिव चैतन्य
बुलंदशहर, जून 22 -- अहार के अवंतिका देवी स्थित श्री रुक्मिणी वल्लभ धाम में प्राण प्रतिष्ठा के नवम वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह पारायण ज्ञान महायज्ञ के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। क्षेत्र के विभिन्न गांवों तथा दूरदराज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भक्ति रस का आनंद लिया। कथा व्यास स्वामी शिव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने भगवान के विभिन्न अवतारों, भक्तों पर उनकी कृपा और सत्संग के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान धर्म की स्थापना एवं भक्तों के कल्याण के लिए समय-समय पर अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को संस्कारित करने का श्रेष्ठ माध्यम है, जो व्यक्ति के भीतर प्रेम, करुणा, सदाचार और परोपकार की भावना जागृत करती है। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भ...
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