बुलंदशहर, मार्च 12 -- श्रीमद् भागवत कथा में बरसाना से पधारी कथा व्यास ने गजेंद्र मोक्ष, बलि वामन भगवान का पूजन, श्री राम जन्मोत्सव की कथा का वर्णन किया। दाऊजी मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में बरसाना से पधारी कथा व्यास पूज्य मुरलिका ने बताया कि गजेंद्र मोक्ष, राजा बलि, श्रीराम जन्मोत्सव का वर्णन भक्तों को समर्पण, त्याग, भक्ति का संदेश देता है। गजराज का मगरमच्छ द्वारा पैर पकड़ने पर जब वह कमजोर पढ़ने लगा, तो गजराज ने भगवान नारायण की स्तुति की। तब भगवान ने अपने सुदर्शन चक्र से मगरमच्छ को मारकर गजराज को बचाकर मोक्ष प्रदान किया, जो सच्ची भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने राजा बलि के प्रसंग में कहा कि बलि के यज्ञ में आकर दान में तीन पग भूमि मांगी और विराट रूप धारण कर सब कुछ नाप लिया, जिससे बलि का घमंड टूट गया और प्रभु के चरणों में नतमस्तक हो गए। कथा व...
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