बलिया, मई 20 -- रतसर। नगर के नहर मार्ग स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार की शाम कथा वाचिका प्रिया किशोरी ने श्रद्धालुओं को बताया कि मानव जीवन में कितनी भी बड़ी परेशानी, गंभीर समस्या, क्लेश या दुविधा क्यों न हो, उसका समाधान भगवान की भक्ति और गुरु की शरण में ही संभव है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के लिए दो ही रास्ते महत्वपूर्ण हैं। पहला भगवान की भक्ति और दूसरा गुरु की शरण। इन दोनों मार्गों पर चलने से ही जीवन की परेशानियों का निदान मिल सकता है। यदि लोग इन रास्तों से भटक जाते हैं तो वह जीवनभर परेशान रहते हैं। यह भी पढ़ें- हृदय में दूसरों के प्रति प्रेम और सेवा दिलायेगा मोक्ष उन्होंने लोगों से धर्म और आध्यात्म के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालु परिक्रमा भी करते दिखे।

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