दुमका, मार्च 31 -- मसलिया, प्रतिनिधि। मसलिया प्रखंड क्षेत्र के लताबड़ गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा वाचिका देवी गौरीप्रिया ने आरती कीर्तन के पश्चाद् भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान एकमात्र सत्य है। कथा पंडाल में हजारों श्रोता होते है। परंतु केवल दो चार ही ऐसा होता है जिनको भागवत कथा का असर होता है। जिनके हृदय में भगवान का वास नहीं होता है। वह व्यक्ति जीवित नहीं मुर्दा होता है। उनके जीवन का कोई महत्व नहीं है। हम सभी को भगवान की कृपा से मानव जीवन मिला है। परंतु सभी सांसारिक मोह में पड़कर उसी भ्रमजाल में लटक कर रहा जाता है। कहा भगवान सचिदानंद स्वरूप है। भगवान को कभी पत्थर, अष्ट धातु, आदि नहीं मानना चाहिए। परमेश्वर है तो हम है। हम नहीं भी रहेंगे तो परमेश्वर सदा रहेंगे। भागवत कथा पर उन्होंने कहा कि श्रीमद्भ...
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