लोहरदगा, मार्च 14 -- कुड़ू, प्रतिनिधि। लोहरदगा कुड़ू के बरवाटोली में चल रहे से श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन कथा व्यास प्रभुदास जी ने भगवान के नाम की महिमा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर का नाम ही मनुष्य के जीवन को संसार रूपी सागर से पार लगाने वाला सबसे सरल और श्रेष्ठ साधन है। कथा का आरंभ में शास्त्रों के प्रसिद्ध श्लोक नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो मुदीरयेत् मंत्र उच्चारण किया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि भगवन्नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन में शांति, सद्बुद्धि और सकारात्मकता लाता है। भगवान का नाम ही ऐसा साधन है जो मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, जीवन के चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति कराता है।
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