घाटशिला, जून 4 -- गालूडीह, संवाददाता। उल्दा स्थित माता वैष्णो देवी धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा वाचक पुजारी राहुल शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा का महत्व बताते हुए कहा कि भगवत कथा गंगाजल के समान है, जिसका रसपान जीवनभर करने पर भी समाप्त नहीं होता। इसके श्रवण से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है। कथा के दौरान उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति एवं सनातन धर्म के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की तथा विभिन्न ग्रहों और लोकों का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि शनि देव को न्याय का देवता माना गया है और मनुष्य को अपने कर्मों के अनुसार फल प्राप्त होता है। राहुल शास्त्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयां या विपरीत परिस्थितियां आती हैं तो उसे भगवान ...