भगत सिंह क्रांतिकारी के साथ-साथ दार्शनिक भी थे
सीवान, मार्च 25 -- कसीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। कन्हैयालाल केन्द्रीय जिला पुस्तकालय में जनवादी लेखक संघ के बैनर तले शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की शहादत दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन मंगलवार को किया गया। मौके पर अरुण कुमार सिंह ने आजादी की लड़ाई में क्रांति वीरों के योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा भगत सिंह क्रांतिकारी के साथ-साथ दार्शनिक व प्रखर राजनीतिक विचारक थे। वह सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक समानता चाहते थे। उनकी क्रांति का उद्देश्य केवल अंग्रेजों से आजादी हीं नहीं बल्कि सामाजिक व आर्थिक समानता भी था। अधिवक्ता रविन्द्र सिंह ने कहा कि भगत सिंह की सोच थी कि आजादी के बाद भारत धर्म निरपेक्ष राज्य बने, लेकिन आज काली टोपी व हाफ पैंट वाले उनके सपनों के उल्टा कर देश को चलाना चाहते है। प्रो. डॉ. हारुन शैलेन्द्र ने कहा कि ...
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