मेरठ, अप्रैल 17 -- जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित वेदांत आश्रम में वेदांत सत्संग समिति की ओर से आयोजित भागवत कथा सप्ताह के अंतिम दिन कथा व्यास स्वामी अभयानंद सरस्वती ने भागवत महापुराण पर प्रवचन दिए। कहा कि एक सच्चे भक्त में प्रेम, ज्ञान और वैराग्य तीनों का समावेश होना चाहिए। कथा स्थल पर विधि विधान से बीडी पांडेय ने व्यास पूजन कराया। कथावाचक स्वामी अभयानंद सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि जिस भाव से भक्त भगवान को स्वीकार करता है, भगवान भी उसी भाव में प्रकट होते हैं। वृंदावन में श्रीकृष्ण की बांसुरी और द्वारिका में पाञ्चजन्य शंख के महत्व को बताया। यह भी पढ़ें- श्री हरि ही सृष्टि के पालनकर्ता एवं संचालक शरद पूर्णिमा की रात्रि में निधिवन में आयोजित महारास के लौकिक, दैविक और आध्यात्मिक पक्षों का वर्णन किया। कहा क...
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