भक्त ध्रुव की कथा दृढ़ निश्रय और भक्ति का उदाहरण
मैनपुरी, मई 20 -- क्षेत्र के ग्राम अमानपुर में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को कथा के तीसरे दिन शास्त्री अंशुल यादव ने भक्त ध्रुव व राजा उत्तानपाद की कथा सुनाई। कथा पंडाल में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अंत में श्रद्धालुओं का प्रसाद का वितरण किया गया। शास्त्री अंशुल यादव ने बताया कि भागवत पुराण में वर्णित राजा उत्तानपाद और उनके पुत्र ध्रुव की कथा दृढ़ निश्रय भक्ति और क्षमा का एक अनुपम उदाहरण है। राजा उत्तानपाद एक प्रतापी राजा थे। उनकी दो रानियां सुनीति व सुरुचि थीं। एक दिन रानी सुरुचि ने सुनीति के पुत्र ध्रुव को राजा की गोद से उतार दिया और कहा कि तुम्हें राजा की गोद में बैठने का हक तभी मिलेगा जब तुम भगवान नारायण की तपस्या करके मेरे गर्भ से जन्म लोगे। जिसके बाद भक्त ध्रुव ने भगवान नारायण की घोर तपस्या की। तपस्या ...
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