इटावा औरैया, मई 8 -- बकेवर। नगला बनी में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन कथा व्यास पीठाधीश्वर ने विभिन्न प्रसंगों व कृष्ण के अलग-अलग लीलाओं का वर्णन किया गया। मां देवकी के कहने पर छह पुत्रों को वापस देना, सुभद्रा हरण व सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास पीठाधीश्वर दीपकृष्ण महाराज ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्री कृष्ण सुदामा जी से समझ सकते हैं। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा में सुनाया सुदामा चरित्र का प्रसंगसुदामा का द्वारिका यात्रा उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र से सखा सुदामा मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुदामा द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा...