लातेहार, मार्च 26 -- बेतला प्रतिनिधि । चैत्र नवरात्र के छठे दिन बुधवार को भक्तों ने मां दुर्गा के छठे रूप मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पुजारियों के अनुसार धार्मिक ग्रंथों में मां कालरात्रि को शक्ति और साहस का प्रतीक माना गया है। उनकी आराधना करने से जीवन की सभी नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए जीवन में शांति, खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए मां कालरात्रि की पूजा बेहद जरूरी है। वहीं भक्त आज (अष्टमी को) श्रद्धा से मां महागौरी की पूजन करेंगे। मां कालरात्रि की पूजा में ग्राम सरईडीह,पोखरी,कुटमू,अखरा,केचकी, कंचनपुर आदि गांव के श्रद्धालु शामिल थे।
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