भक्तों को निराश नहीं करतीं मां कालिका देवी
कन्नौज, मार्च 21 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के सौरिख रोड पर मां कालिका देवी मंदिर का पुरातन काल से ऐतिहासिक महत्व है। इसकी स्थापना नवीं-दशवीं शताब्दी में बताई जाती है। इसके बारे में काफी कुछ जानकारी हिस्ट्री आफ बुदेलखंड में मिलती है, जिसके कुछ हस्तलिखित पन्नों में ढेबा नामक ज्योतिषी का भी उल्लेख आया है। आल्हा ऊदल के साथ महोबा राज्य में ढेबा के नाम से प्रसिद्ध पंडित व ज्योतिषी छिबरामऊ के पास पल्यौरा गांव के रहने वाले थे। यहां के दीक्षित वंश में पैदा हुए ढेबा ने अति प्राचीन मां कालिका देवी मंदिर में उपासना करके सिद्धि प्राप्त की थी। इसके बाद ढेबा की ख्याति सुनकर महोबा के राजा ने उन्हें अपना प्रमुख दरबारी नियुक्त किया था। मंदिर के दक्षिण दिशा में तकरीबन आधा किलोमीटर दूर ककरारी नामक तालाब के अवशेष आज भी मौजूद हैं। बताते हैं कि पुराने जमाने मे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.