जमशेदपुर, दिसम्बर 25 -- भगवान विष्णु भक्तों को दिए वरदान के कारण ही निर्गुण से सगुण रूप धारण करते हैं। सोनारी के कैलाश नगर स्थित गीता भवन में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन व्यास पीठ से हरियाणा के जमुना किनारे से आए आचार्य रविकांत वत्स ने भगवान के निर्गुण स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार भक्तों की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए होता है। आचार्य ने कथा के दौरान बताया कि पूर्व में माता सती को भगवान राम पर शंका हुई थी, जिस कारण भगवान शिव ने उनका त्याग किया। इसी प्रकार विवाह के बाद माता पार्वती को भी शंका उत्पन्न हुई, तब उन्होंने भगवान शिव से रामकथा सुनने की इच्छा व्यक्त की। पार्वती ने कहा कि जिनका नाम आप और सभी साधु-संत जपते हैं, वही भगवान पत्नी वियोग में वन-वन भटक रहे हैं, इस रहस्य को जानने ...
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