भक्ति रूपी प्रेम ही परमात्मा की प्राप्ति का सर्वाेत्तम साधन- आचार्य चंचल शर्मा
शामली, मई 25 -- नारायण कुटुंब ट्रस्ट के तत्वावधान में शहर के हनुमान धाम पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथा व्यास आचार्य चंचल शर्मा ने बाल भक्त ध्रुव और भक्त प्रह्लाद के प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा व्यास आचार्य चंचल शर्मा ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति किसी बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि निष्कपट प्रेम, श्रद्धा और सच्ची भक्ति से होती है। भक्ति केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के मध्य आत्मिक प्रेम का दिव्य संबंध है। जब मनुष्य अपने हृदय को अहंकार, छल और कपट से मुक्त कर प्रभु का स्मरण करता है, तब भगवान स्वयं उसके जीवन में प्रकट होने लगते हैं। यह भी पढ़ें- भक्ति रूपी प्रेम ही परमात्मा की प्राप्ति का सर्वाेत्तम साधन- आचार्य चंचल शर्मा उन्होंने कहा निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा। बताया क...
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