झांसी, अगस्त 30 -- झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के अठ्ठाईसवें दिन रविवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुये कहा कि जिस प्रकार छत पर जाने के लिए सीढ़ी की जरूरत होती है उसी प्रकार मोक्ष मार्गी निश्चय प्राप्त करने के लिए व्यवहार अथवा आचरण रुपी सीढी की जरूरत है। गुरु मां ने कहा कि जिस प्रकार क्षतिग्रस्त मार्ग पर चलने से दुर्घटना होना तय है और गंतव्य तक पहुंचना कठिन है उसी प्रकार जीवन रुपी मार्ग पर चलते हुए भक्ति रुपी गाड़ी में बैठकर सफर करेंगे तो एक न एक दिन प्रभु चरणों में स्थान अवश्य मिलेगा। इस सुभाष जैन बिजली वाले,विनोद‌ जैन ठेकेदार, राजीव जैन अहिंसा,विधि सलाहकार अशोक जैनिथ, जितेन्द्र जैन,बाहुबलि जैन,अक्षत जैन सौरभ जैन संतोष जैन जल निगम संजय जैन, राजेन्द्र...