गंगापार, मार्च 7 -- यमुना तट पर नौढ़िया के बरमबाबा पर श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पं श्याम सुंदर त्रिपाठी द्वारा कथा का रसपान कराया जा रहा है। पहले दिन भक्ति और ज्ञान संवाद मुख्य प्रसंग रहा। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा पाने के लिए धार्मिक पाखंड, कर्मकांड और बाह्य आडंबरों का सहारा लेने की जरूरत नहीं है। भगवान सिर्फ भाव के भूखे हैं। भगवान को पाने के लिए ज्ञान से बढ़कर भक्ति का मार्ग सरल है। उन्होंने कहा कि भक्ति में अपार शक्ति होती है। इस अवसर पर प्रेम चंद द्विवेदी व सविता द्विवेदी और भागवत कथा प्रेमी उपस्थित रहे।

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