सहारनपुर, दिसम्बर 6 -- श्री गीता प्रचार समिति सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास मनोज महाराज ने कहा कि गोपीगीत का पाठ करने से गोपीनाथ भगवान के दर्शन होते हैं क्योंकि भक्ति में वह शक्ति है जो ह्रदय के रूदन को भी गीत बनाकर प्रस्तुत कर देती है। श्रीगीता भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण की बृज से विदाई का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने अपनी बांसुरी राधारानी के चरणों मे रख दी। कहा कि मुरलीधर ही योगेश्वर कहलाते हैं। कहा कि नारद जी से भगवान के गुणों की कथा सुनकर रूकमणी ने भगवान द्वारिकाधीश को पति रूप मे प्राप्त किया। शनिवार को कथा के यजमान नीरज गोयल और प्रसाद वितरण नितिन गर्ग रहे। जबकि पूूजन पंडित विनय प्रकाश त्रिवारी ने एवं संचालन सुधीर गर्ग ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्...