भभुआ, अगस्त 18 -- भक्ति में विश्वास, संबंध और समर्पण जरूरी : स्वामी जी दक्ष के प्रसंग से समझाया अहंकार का दुष्परिणाम, भगवान को मानने पर स्मरण सहज परसिया स्थित चातुर्मास्य महायज्ञ में श्रद्धालुओं को भक्ति के मर्म से कराया परिचित भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां स्थित चातुर्मास्य महायज्ञ में श्रीलक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने मंगलवार को प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को भक्ति के मर्म से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ की क्रिया नहीं, बल्कि जीवन जीने का आधार है। भक्ति को पुष्ट करने के लिए विश्वास, संबंध और समर्पण तीनों आवश्यक हैं। जब ये तीनों जीवन में उतरते हैं, तभी भक्ति पूर्णता की ओर बढ़ती है।

भक्ति का मूलमंत्र स्वामी जी ने विश्वास और श्रद्धा के अंतर को समझाते हुए कहा कि आंखें बंद कर किसी पर भरोसा कर लेना ...