धनबाद, मार्च 15 -- गोविंदपुर, प्रतिनिधि। गोविंदपुर के कुम्हारडीह रोड में 8 दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा रविवार को संपन्न हो गई। समापन दिवस पर प्रवचन करते हुए कथा व्यास सुरेंद्र हरिदास जी महाराज ने कहा कि गुरु और गोविन्द जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं, जिनके सामने कपट, दिखावा या मिलावट नहीं चलती। गुरु हमें गोविन्द तक पहुंचाते हैं। भक्ति में मिलावट नहीं, समर्पण होना चाहिए। सनातन धर्म में गौ को माता का स्थान दिया गया है। श्री हरिदास ने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता सच्ची भक्ति और निष्काम प्रेम का उदाहरण है। मुख्य यजमान विमल चंद्र दे ने धर्मपत्नी पद्दा दे के साथ कथा वाचक सुरेंद्र हरिदास जी महाराज एवं तमाम श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट किया। समाजसेवी शंभूनाथ अग्रवाल, उर्मिला देवी अग्रवाल, राजेंद्र बंसल, मोहन बंसल, भोला प्रसाद अग्रहरी, ...
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