भभुआ, अगस्त 17 -- भक्ति के अनेक रूप, लक्ष्य एक भगवान की प्राप्ति प्रहलाद से विभीषण तक परम भागवत के जीवन से समझाया भक्ति का मर्म चातुर्मास्य महायज्ञ में जीयर स्वामी जी महाराज ने सुनाया श्रीमद्भागवत कथामृत भभुआ, नगर संवाददाता। परसियां स्थित चातुर्मास्य महायज्ञ में श्रीमद्भागवत कथामृत की अविरल धारा में श्रद्धालु भक्ति के विविध स्वरूपों से परिचित हुए। यह भी पढ़ें- भक्ति के अनेक रूप, लक्ष्य एक भगवान की प्राप्तिभक्ति का मर्म जीयर स्वामी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत में वर्णित परम भागवत भक्तों के जीवन चरित्र के माध्यम से भक्ति का मर्म समझाया। उन्होंने कहा कि भक्ति किसी एक विधि, स्वरूप या साधना तक सीमित नहीं है। किसी भक्त के जीवन में यह अटूट विश्वास बनकर प्रकट होती है, तो किसी के जीवन में सेवा, तप, ज्ञान, कथा-श्रवण, सख्य भाव अथवा धर्म के प्रति अडिग ...