भक्ति कवयित्रियां पितृसत्ता का प्रतिरोध रचती हैं
वाराणसी, जुलाई 25 -- वाराणसी। बीएचयू में शुक्रवार को प्रो. शुकदेव सिंह स्मृति सम्मान समारोह और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य सेवा के लिए सुभाष राय को इस वर्ष के प्रो. शुकदेव सिंह स्मृति सम्मान से नवाजा गया। सुभाष राय ने मुख्य व्याख्यान देते हुए कहा कि भक्ति कवयित्रियां साहस के साथ पितृसत्ता का प्रतिरोध रचती हैं। कबीर विवेक परिवार की ओर से महिला अध्ययन केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सुभाष राय ने कहा कि जिस युग में स्त्रियों और शूद्रों को मंदिर जाने के मनाही थी, उस समय दक्षिण की कवयित्रियों ने स्वयं ईश्वर को ढूंढ़ने के लिए गीत गाए। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में प्रतिभाशाली स्त्रियों के विचार और साहस की कथाएं दबा दी गईं। अंडाल के गीत तमिलनाडु में प्रतिबंधित हैं। सिर्फ विवाह गीतों को ही मान्यता मिलती है। अक्क ने पति और स्वाधीनता के ...
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