भागलपुर, मार्च 9 -- बाथ थाना क्षेत्र के बाथ ग्राम स्थित श्री शिवेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचिका किंकरी किशोरी जी ने अजामिल की कथा सुनाते हुए कहा कि जीव चाहे जिस भी भाव से भगवान का नाम लेता है। नाम उद्धार करता है। अजामिल ने बेटे के नाम के रूप में गाया। प्रहलाद ने प्रेम से गाया। हिरण्यकश्यप ने द्वेष से, कंस ने भय से भजा, और इनका उद्धार हुआ। ध्रुव चरित्र का व्याख्यान करते हुए उन्होंने कहा कि भक्ति करने की कोई उम्र नहीं होती।

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