भक्ति, शक्ति, शौर्य व बलिदान की गाथा है पंजाबी साहित्य : डॉ. संजीत
गोरखपुर, जुलाई 12 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। पंजाबी साहित्य केवल शब्द नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, शौर्य, शक्ति, राष्ट्रप्रेम व भक्ति की ऐसी गाथा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। ये बातें डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स डीडीयू के प्रोफेसर एवं जननायक विश्वविद्यालय बलिया के पूर्व कुलपति डॉ. संजीत कुमार गुप्ता ने कहीं। वे शनिवार को उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के नेतृत्व व मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के सहयोग से गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित पंजाबी साहित्य और राष्ट्रीय योगदान विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व गोष्ठी का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक जगनैन सिंह नीटू ने विषय प्रस्तावना और स्वागत उद्बोधन से किया। यह भी पढ़ें- जेएनयू में महेंद्र सिंह स्मृति सम्मान समारोह का आयोजन इसके बाद स्थायी लोक अदालत सिविल कोर्ट के ...
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