मिर्जापुर, मार्च 29 -- मिर्जापुर। नगर के सुंदरघाट स्थित दुर्गा महासभा में दिव्य कलश शोभा यात्रा और गंगा पूजन के साथ भागवत कथा प्रारंभ हुई। इस अवसर पर कथा व्यास पंडित विष्णु धर द्विवेदी ने भागवत महात्म्य की कथा सुनाई। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का बहुत ही सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भक्ति के साथ-साथ ज्ञान और वैराग्य भी हो तभी जीवन की सार्थकता है। ज्ञान का मतलब त्याग है। जब त्याग है तब ज्ञान है और तभी भक्ति है। भक्ति से ही भगवान प्रसन्न होते हैं। इसके बाद गोकर्ण और धुंधकारी की कथा सुनाई। कहा कि गोकर्ण का मतलब कान रूपी इंद्रिय से सुना गया ज्ञान सत्संग कथा भगवान की चर्चा ही अंत समय में काम आती है। जैसा कि आत्मदेव को गोकर्ण ने ज्ञान दिया और परमधाम की प्राप्ति हुई। इस अवसर पर गुलाब चंद ,बड़कू, मीरन देवी, गोपाल, आकांक्षा ,बचऊ, महेंद्र देव पांडेय, स...