भभुआ, जुलाई 21 -- भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के समन्वय से जीवन में आएगी शांति भागवत कथा केवल सुनने के लिए नहीं, जीवन में उतारने के लिए होती है जीयर स्वामी जी महाराज ने परसियां में प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं से कहा भभुआ, नगर संवाददाता। जब तक मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का समन्वय नहीं होगा, तब तक उसे सच्ची शांति और आनंद की अनुभूति नहीं हो सकती। भागवत कथा का श्रवण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। कथा में कही गई बातों को सुनने के साथ-साथ उन्हें अपने आचरण और व्यवहार में उतारना भी जरूरी है। यह बातें जीयर स्वामी जी महाराज ने कहीं। वह भभुआ प्रखंड के परसियां में आयोजित चातुर्मास महायज्ञ में प्रवचन कर रहे थे। यह भी पढ़ें- भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के समन्वय से जीवन में आएगी शांतिकथा का महत्व उन्होंने ...