गया, अप्रैल 17 -- जिले में खेती के तौर-तरीकों में बदलाव के साथ आधुनिक संसाधनों का उपयोग तो बढ़ा है। लेकिन, इसके साथ ही किसानों की आर्थिक परेशानी भी गहराती जा रही है। किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत बीज, रासायनिक खाद, कीटनाशक और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी आमदनी में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है। जिले के किसानों का कहना है कि पहले कम लागत में खेती हो जाती थी अब खेती दोगुनी लागत मांग रही है। सिंचाई के लिए डीजल या बिजली का खर्च, महंगे बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने खेती को महंगा बना दिया है। यह भी पढ़ें- जिले में अनाज मंडी नहीं, हाट-बाजारों में औने-पौने दाम पर बिक रही किसानों की फसल इसके अलावा भंडारण और परिवहन की व्यवस्था भी किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बनत...
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