नवादा, अप्रैल 13 -- नवादा की धरती पर गेहूं की सुनहरी बालियां अब किसानों की आंखों में वैसी चमक नहीं पैदा कर रहीं, जैसी कुछ साल पहले हुआ करती थी। लागत और मुनाफे का गणित अब किसानों के पक्ष में नहीं रहा। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं अब नवादा के किसानों के लिए लगभग घाटे का सौदा ही साबित हो रही है। एक तरफ महंगाई ने खेती की कमर तोड़ दी है, तो दूसरी तरफ मौसम का बदलता मिजाज और सरकारी तंत्र की सुस्ती अन्नदाता को बिचौलियों के पास जाने को मजबूर कर रही है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों में जहां विगत वर्ष की तुलना में चालू चत्र में गेहूं की खेती की लागत 29 फीसदी तक बढ़ गयी, वहीं मुनाफा लगभग 45 प्रतिशत तक घट गया। स्पष्ट कहा जा सकता है कि गेहूं की खेती में अब किसानों को मुनाफा के लाले पड़ गए हैं। जैसे-तैसे कर परिवार के खाने भर ही गेहूं का उत्पादन जिले के किसान ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.